Incognito Mode प्राइवेट नहीं हे जितना आप सोच रहे हे: #TechHindi

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हम जो वेब ब्राउज़र यूज़ करते हे, उसमे सेटिंग में प्राइवेट ब्राउज़िंग का आप्शन होता हे। गूगल के क्रोम ब्राउज़र में ये ‘Incognito mode’ के नाम और firefox में ‘private’ जाना जाता हे।

कई यूजर Incognito mode यूज़ करते हे क्योंकि उन्होंने वेब पे जो ब्राउज़िंग किया हे। उनको ट्रेस किया ना जा सके। यूजर को लगता हे की प्राइवेट ब्राउज़िंग करने से उसे कोई ट्रेस नहीं कर पायेगा, पर ये सच नहीं हे।


12046666_967402636685857_5079991918762096740_nincognito mode का मतलब ये हे की आप प्राइवेट ब्राउज़िंग कर सके और ये आपकी हिस्ट्री, कूकीज, और पासवर्ड को सेव नहीं करेगा।

गूगल का कहना ये हे की आप incognito tab में जो पेज ओपन करते हे और क्लोज करने के बाद उसकी हिस्ट्री, कूकीज, और पासवर्ड को सेव नहीं करता। firefox भी यही बात कह रहा हे। इसका मतलब ये की आपके फ्रेंड , रूममेट, किड और पार्टनर आपके द्वारा किये गए ब्राउज़िंग हिस्ट्री नहीं जान पाएंगे।

अभी ये बात पूरी नहीं हे। वेब ब्राउर्स ये भी बता रहे की इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और एम्प्लॉयर आपके द्वारा विजिट क्लियर गए वेब पेजेज फिर से देख सकते हे। आपका ब्राउज़र temp फाइल्स और हिस्ट्री सेव नहीं करता, पर इससे आप प्राइवेट ब्राउज़िंग नहीं कर पाएंगे।

incognito mode के दौरान आप किसी भी एप्प में साइन करते हे तो वो वर्ब पेजेज का रिकॉर्ड रखता हे।


12108148_967402520019202_4104122068455310618_nवही दूसरी तरफ सफारी एंड इंटरनेट एक्स्प्लोरर ये नहीं बताता की इंकॉग्नितो मोड़ में ISPs, अप्प मेकर, वर्कप्लेस का एडमिन आपके ब्राउज़िंग को देख रहा हे।

अगर आपको सच में प्राइवेट ब्राउज़िंग करनी हे तो TechHindi.net आपको Tor browser या फिर उसका कोई alternate, VPN Service और DuckDuckGo सर्च इंजन का इस्तेमाल कर सकते हे।

ये वीडियो आपको प्रिवेट browsing करने के लिए काफी कुछ माहिती दे सकता है.…

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